खर्ग द्वीप पर हमले से भड़का ईरान, दुबई और कुवैत एयरपोर्ट पर ताबड़तोड़ हमले, मची अफरातफरी

कुवैत
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा फुजैराह में धुआं उठते देखाय गया। यहां एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है। दुबई में ईरान मिसाइल अटैक भी कर रहा है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध भयानक रूप लेता जा रहा है। इस युद्ध के चलते पूरी दुनिया में फ्यूल का संकट खड़ा हो गया है। वहीं ईरान लगातार अपने पड़ोसी देशों में भी हमला कर रहा है। यूएई के दुबई में ईरान ने हमले बंद ही नहीं किए। रविवार को भी दुबई के मरीना और अल सुफूह इलाके में जोरदार धमाके हुए और काला धुआं उठताा हुआ दिखाई दिया। बतादें कि इस युद्ध को भी 16 दिन बीत रहे हैं।
 
कुवैत एयरपोर्ट पर हमला
इसके अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन से हमले किए गए। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इसके अलावा फुजैराह में धुआं उठते देखाय गया। यहां एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है। दुबई में ईरान मिसाइल अटैक भी कर रहा है। हालांकि यहां एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात है।

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अमेरिका के खर्ग द्वीप पर हमले के बाद तनाव और बढ़ गया है। इसे ईरान की रीढ़ की हड्डी कहा जा सकता है क्योंकि यहीं से ईरान 90 फीसदी तेल का आयात करता है। ईरान ने करीब 1800 मिसाइल और ड्रोन अटैक यूएई पर किए हैं। इसके अलावा अन्य देशों में भी जमकर ड्रोन और मिसाइल अटैक हुए हैं।

यूएई में ईरान ने 1600 ड्रोन, 294 मिसाइल और 15 क्रूज मिसाइल अटैक किए। इनमें कम से कम 294 लोग मारे गए हैं और 141 घायल हुए हैं। शनिवार को ही ईरान ने 33 ड्रोन हमले कर दिए। वहीं ड्रोन और मिसाइल अटैक की फुटेज सोशल मीडिया पर डालने वाले 10 विदेशियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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भारत के लिए भी खड़ी हो रही परेशानी
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति, भारत के निर्यात के लिए अनिश्चितता पैदा कर रही है। निर्यातक बदलते हालात पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि अतिरिक्त शुल्क और लंबा परिवहन समय माल की आवाजाही को प्रभावित कर रहे हैं। परिधान उद्योग के एक विशेषज्ञ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अगले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया क्षेत्र में जाने वाले निर्यात ऑर्डर में कमी आ सकती है और वहां खपत भी घट सकती है।

भारत के कुल परिधान निर्यात का लगभग 11.8 प्रतिशत हिस्सा उन पश्चिम एशियाई देशों में जाता है, जो इस समय युद्ध के प्रभाव में हैं। भारत का तैयार वस्त्र निर्यात संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजराइल, कुवैत, ओमान, कतर, इराक, बहरीन और ईरान जैसे देशों को वित्त वर्ष 2024-25 में 1.9 अरब डॉलर का रहा, जो 2023-24 में 1.82 अरब डॉलर था।

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कुल मिलाकर भारत का परिधान निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 15.97 अरब डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह 14.51 अरब डॉलर था। चमड़ा निर्यातक परिषद के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि फारस की खाड़ी में जाने वाले माल की ढुलाई फिलहाल पूरी तरह रुक गई है। उन्होंने कहा, "बीमा शुल्क बढ़ गया है। 20 फुट के कंटेनर पर यह 1,200 अमेरिकी डॉलर और 40 फुट पर 2,400 अमेरिकी डॉलर बढ़ गया है।"

 

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